
ऐतिहासिक तथ्यों को अगर खोला जाए तो रक्त ही रक्त नजर आएगा चारों ओर हमारे देश के योद्धाओं ने अपनी जिंदा जवानी जला डाली और वह पागल नहीं थे जिन्होंने मौत से फेरे लिए अगर वह चाहते तो सुखमय जीवन व्यतीत कर सकते थे आराम से राजाओं महाराजाओं की भांति मौज करते और शाम को मदिरा का सेवन कर वैश्यालयों मे बैठे होते परंतु ऐसा नहीं किए और वह लड़ते रहे, आपके मेरे लिए तब जाकर हमें छुटकारा मिला इस देश की महारानी मेरी झांसी वाली रानी जो बच्चा लेकर अंग्रेजों से लड़ गई उस मर्दानी स्वाभिमानी बलिदान को ऐसे ही भूल जाने दूं बात भले ही सदियों पुरानी है परंतु जब-जब इन योद्धा और योद्धानियों का जिक्र होता है तब- तब आंखों के आगे वह सारे दृश्य नृत्य करते हुए दिखाई पड़ते हैं। मुझे बहुत दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि हमारी यह जो पीढ़ियां हैं, उनको यह तक नहीं पता कि छत्रसाल कौन थे। तानाजी शाह कौन थे। महाराणा प्रताप कौन थे। रानी बघेली कौन थी। रानी लक्ष्मी बाई कौन थी। बहुत दुख की बात है कितनी दुखद घटना है, यह हमारे जीवन की सबसे बड़ी हार है कि हम अपने बच्चों को हमारे वीर योद्धा और योद्धानियों के बारे में कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं जबकि उनको यह जानने का पूरा अधिकार है कि उनके पूर्वज कैसे थे कितनी कितनी लड़ाईयां लड़ी तब जाकर हमें शत्रुओं से छुटकारा मिला तब जाकर हम अमन और शांति के साथ जीवन व्यतीत कर पा रहे हैं।
Page Count:
50
Publication Date:
2023-01-02
ISBN-10:
9355847505
ISBN-13:
9789355847508
No comments yet. Be the first to share your thoughts!