
क्या आप भी अपने जीवन का हर पल हँसते-खेलते खुशी-खुशी गुजारना चाहते हैं? जीवन में खुश रहने के लिए केवल एक बात पर गौर करने की जरूरत होती है कि खुशी इस बात पर निर्भर नहीं करती कि हम कौन हैं या हमारे पास क्या कुछ है? हँसी-खुशी हमारे भीतर ही निवास करती है; सिर्फ जरूरत है इन्हें जानने और पहचानने की। अब तो डॉक्टर और विद्वान् लोग भी मानने लगे हैं कि हर दिन थोड़ा-बहुत हँसने से टेंशन; डिप्रेशन एवं अन्य कई घातक बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है। एक बार जो कोई खुद को खुश रखने की कला को जान लेता है; वह दूसरों के जीवन में भी आसानी से खुशियाँ महका सकता है। ज्ञानी लोग सच ही कहते हैं कि खुशी से बढ़कर कोई खुराक नहीं होती; इसलिए जहाँ तक हो सके; हमें सदा खुश रहने का स्वभाव बनाना चाहिए। प्रसिद्ध हास्य लेखक जौली अंकल हँसी-मजाक की अनेक पुस्तकें लिखने के बाद अब कुछ खास किस्म के गुदगुदाते सवाल-जवाब लेकर आए हैं; जिन्हें पढ़कर आप ठहाके लगाए बिना नहीं रह पाएँगे। हास्य तथा व्यंग्य-विनोदपूर्ण गुदगुदाते सवाल-जवाबों का पठनीय संकलन।
Page Count:
144
Publication Date:
2021-01-19
Publisher:
Prabhat Prakashan
ISBN-10:
9384344702
ISBN-13:
9789384344702
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