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'कभी शून्य तो कभी जगत को, शांतचित से परख रही ये।' यह संकलन बस कुछ पंक्तियों का खज़ाना है जो दिल की तिजोरी में छुपी हैं। इस काव्य-संग्रह में कवयित्री ने उम्मीद, उलझन, दोस्ती, प्यार, और इंतज़ार जैसे विषयों के हर एक पहलू को छुआ है, जिन्हें हम महसूस तो करते हैं पर व्यक्त करने से कतराते हैं। इस संग्रह को पढ़ते हुए आप हर शब्द के साथ एक नया एहसास जियेंगे, हर पंक्ति में ख़ुद को ढूंढ़ पाएँगे, और हर कविता के साथ एक नई उड़ान भरेंगे।
Page Count:
50
Publication Date:
2025-10-10
Publisher:
Bookleaf Publishing
ISBN-13:
9798898658366
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