
क्रांति का अर्थ उस अवस्था को समाप्त करके; जिसमें रहना ही असहनीय होता जा रहा हो; नई व्यवस्था की स्थापना करना था। अतः जहाँ-जहाँ भी विश्व में क्रांतियाँ हुईं; वहाँ देशकाल और स्थितियों के अनुसार ही इनका सूत्रपात हुआ। दिन-प्रतिदिन बढ़ते साधनों ने क्रांति को नया रूप दे दिया था। हिंसक और अहिंसक दोनों ही रूपों ने इस क्रांति विचारधारा को प्रश्रय दिया और 17वीं शताब्दी के अंत में विश्व ने इस क्रांति से परिचय किया; जो आज 21वीं शताब्दी के घोर आधुनिक युग में भी अपनी आवश्यकता एवं प्रासंगिकता बनाए हुए हैं। विश्व का यह आधुनिक और विहंगम स्वरूप इन्हीं क्रांतियों की देन है। तानाशाहों; साम्राज्यवादियों; निरंकुश और अयोग्य शासकों के चंगुल से निकलकर जनता ने आधुनिकता की ओर कदम रखे तो इन्हीं क्रांतियों के कारण; जिनमें प्राणों की आहुति दी गई और शत्रुओं को सबक भी सिखाया गया। इस पुस्तक में विश्व की उन महान् क्रांतियों का वर्णन किया गया है; जिन्होंने विश्व का भविष्य तय कर दिया; जैसे— औद्योगिक क्रांति: क्रांतियों का आधार; वैज्ञानिक क्रांति; इंग्लैंड की महान् क्रांति; फ्रांस की गौरवपूर्ण क्रांति; इटली की संघर्ष-क्रांति; भारत छोड़ो आंदोलन; जर्मनी की एकीकरण क्रांति; तिब्बत की धार्मिक क्रांति; जापान की तकनीकी क्रांति।
Page Count:
208
Publication Date:
2021-01-19
Publisher:
Prabhat Prakashan
ISBN-10:
8193295609
ISBN-13:
9788193295601
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