
लेखक श्री छिगनलाल जी गुसाईवाल के द्वारा अपने जीवन काल के लगभग 30 वर्षों तक रैगर वंश से संबंधित गहन शोध कार्य किया गया था, जो प्रसतुत ग्रंथ 'रैगर वंश का वृहद इतिहास" में वर्णित है। इस ग्रंथ में रेगर वंश संबंध में पूर्व में 'समाज के विद्वत्जन द्वारा लिखा गया साहित्य, अन्य जाति के विभिन्न भारतीय व विदेशी साहित्यकारों, इतिहासकारों, विभिन्न धार्मिक ग्रंथों तथा राजकीय अमिलेख का अध्यन कर शोध का विस्तृत समावेश है।
Page Count:
440
Publication Date:
2025-01-11
Publisher:
Atmgyan Publication & Foundation
ISBN-10:
9334169184
ISBN-13:
9789334169188
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